प्रदूषण से रखेंगे दूर ये इंडोर प्लांट्स…

दुनियाभर में बढते प्रदूषण की समस्या और उससे होती तमाम तरह की बीमारियों से आज शायद ही कोई अंजान होगा। प्रदूषित हवा वैसे तो हर किसी के लिए खतरनाक है लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर बच्चे, बुज़ुर्गों और गर्भवती महिलाओं में देखने को मिल रहा है। इसी समस्या से निपटने और लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 2 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है। लोगों को प्रदूषण और इसे फैलाने वाली चीज़ों के बारे में जागरूक करने के साथ ही हवा, पानी और मिट्टी को कैसे प्रदूषित होने से बचाया जा सकता है इसके बारे में भी बताना है। इसके अलावा यह दिन उन लोगों की याद और सम्मान में भी मनाया जाता है जो 2-3 दिसंबर 1984 को भोपाल गैस त्रासदी के शिकार हुए थे।

तुलसी एक नेचुरल एयर प्यूरिफायर है। यह पौधा 24 में से 20 घंटे ऑक्सीजन छोड़ता है। तुलसी का पौधा कार्बन मोनो ऑक्साइड, कार्बन डाई ऑक्साइड व सल्फर डाईऑक्साइड सोखता है।

ऑफिस के बंद कमरे में अगर आपको शुद्ध वायु और प्रकृति के स्पर्श की जरूरत महसूस होती है तो वहां रखने के लिए रबर प्लांट्स बेस्ट हैं। थोड़ी सी धूप भी उन्हें जीवित रखने के लिए पर्याप्त है। वुडन फर्नीचर द्वारा रिलीज किए जाने वाले हानिकारक ऑर्गेनिक कंपाउंड फॉर्मल्डिहाइड से वातावरण को मुक्त करने की इनकी क्षमता लाजवाब है।

इस पौधे को मदर-इन-लॉज-टंग के नाम से भी जाना जाता है। वायु में मौजूद खतरनाक तत्व फॉर्मल्डिहाइड को फिल्टर करने के लिहाज से यह बेस्ट है। हानिकारक तत्व आमतौर पर केमिकल बेस्ड क्लीनर्स, पेंट्स, टॉयलेट पेपर, टिश्यूज और पर्सनल केयर प्रोडक्टस के जरिए वातावरण में रिलीज होता रहता है। चूंकि इस पौधे को ज्यादा धूप की जरूरत नहीं होती और यह नमीयुक्त वातावरण में जीवित रह सकता है, इसलिए स्नेक प्लांट के गमले को बाथरूम में लगाना अच्छा आइडिया है। एक अन्य मामले में स्नेक प्लांट दूसरे पौधों से उलटा है। रात में यह कार्बन डाइ ऑक्साइड को अवशोषित करके ऑक्सीजन रिलीज करता है, इसलिए इसे बेडरूम में लगाना अच्छा रहता है।

Archana Tiwari…