RBI एक बार फिर ब्‍याज दरों में दे सकता है राहत…

आर्थिक वृद्धि  को रफ्तार देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक 5 दिसंबर को नीतिगत दर में लगातार छठवीं बार कटौती कर सकता है। बैंकर्स और विशेषज्ञों ने यह बात कही। मैन्‍यूफैक्‍चरिंग के क्षेत्र में आई गिरावट के कारण जीडीपी ग्रोथ रेट घटकर जुलाई-सितंबर की तिमाही में 4.5 फीसद पर आ गई है। यह जीडीपी ग्रोथ का छह साल से अधिक का न्यूनतम आंकड़ा है। भारतीय रिजर्व बैंक 2019 के दौरान अब तक पांच बार नीतिगत दर में कटौती कर चुका है।

नीतिगत दरों में अबतक 1.35 फीसद की हुई है कटौती : सुस्त पड़ती ग्रोथ रेट को बढ़ाने और फाइनेंशियल सिस्‍टम में धन उपलब्धता बढ़ाने के लिए नीतिगत दर में कुल मिलाकर 1.35 फीसद की कमी की गई है। वर्तमान में रेपो रेट 5.15 फीसद है। एक बैंकर ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि रिजर्व बैंक के गवर्नर ने पिछले दिनों कहा था कि जब तक इकोनॉमिक ग्रोथ रफ्तार नहीं पकड़ती तब तक ब्याज दरों में कटौती की जाएगी। इससे इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि 3 दिसंबर से शुरू होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर घटाई जा सकती है।

Archana Tiwari…